ये है दुनिया का गुमनाम देश अबख़ाज़िया, जहां वीरानियों के सिवा कुछ नहीं है

डेस्क : आपने दुनिया के कई देशों के बारे में सुना होगा लेकिन आप अबख़ाज़िया के बारे में शायद ही कुछ जानते हो। यह देश पूर्वी यूरोप में काला सागर और काकेशस पर्वतों के बीच मौजूद है। इस देश को 1990 में आज़ाद घोषित किया गया था। हालांकि अब भी इसे दुनिया के कुछ गिने चुने देशों ने मान्यता दी है। इस देश के बारे में दुनिया के बहुत कम लोग जानते हैं। यह सोवियत संघ से अलग हुए जार्जिया का एक हिस्सा है। जब 1980 में सोवियत संघ का बिखराव हुआ और जार्जिया अलग होने की अंगड़ाई ले रहा था। अबख़ाज़िया भी उस समय जार्जिया की पाबंदी से अलग होना चाहता था। 1930 जब जार्जिया सोवियत संघ का भाग था तब अबख़ाज़िया को ऑटोनोमी हासिल थी। इससे पहले अबख़ाज़िया अपने आप में एक स्वतंत्र था।

10 हज़ार लोग मारे गए
साल 1991 में सोवियत संघ ने जार्जिया को आजाद घोषित कर दिया। ऐसे में अबख़ाज़िया के निवासियों को लगा कि अब उनकी आजादी खो जाएगी। इसके चलते 1992 में गृहयुद्ध छिड़ गया। पहले तो जार्जिया की सेना ने अबख़ाज़िया के बाग़ियों पर बढ़त बना ली। लेकिन बाद बागियों ने ताकत जुटाकर जॉर्जिया की सेना पर पलटवार किया। इस लड़ाई में 10 हज़ार से अधिक लोग मारे गए। नतीजतन, जार्जिया मूल के 2 लाख लोगों को अबख़ाज़िया छोड़कर भागना पड़ा। ऐसा माना जाता है कि रूस की सेना ने भी अबख़ाज़िया के बाग़ियों की मदद की थी।

सैनानियों का पसंदीदा
एक ज़माने में अबख़ाज़िया बेहद खूबसूरत जगह थीं और सैनानियों में बेहद पसंद था। उस समय यह सोवियत संघ का हिस्सा था। यहाँ का हल्का गर्म और हल्का सर्द मौसम सैनानियों के लिए मुफ़ीद था। लेकिन 1990 के गृह युद्ध ने इस देश को वीरान कर दिया। आज यहां होटल और रेस्टोरेंट वीरान पड़े हैं। दुनिया के मशहूर फ़ोटोग्राफ़र स्टेफ़ानो माज्नो ने यहां का दौरा किया था। उनका कहना है कि अबख़ाज़िया की सीमाओं पर इस समय रूस की सेना का क़ब्ज़ा है। ऐसे में ये नाम का स्वतंत्र देश है। असल में अबख़ाज़िया महज रूस की कठपुतली बन कर रह गया।

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *