जामयांग कभी नेताओं की चिट्टी लिखा करते थे, आज मोदी भी हुए मुरीद

34 साल के लद्दाख से सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल लोकसभा में दिये अपने इस भाषण से रातोंरात हीरो बन गए है। उनके इस भाषण ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी उनका मुरीद बना दिया। वहीं सोषल मीडिया पर भी उनकी लोकप्रियता में खासा इजाफा हुआ। इस भाषण से पहले उन्हें ट्विटर पर केवल 4 हजार लोग फाॅलो करते थे। लेकिन अब यह संख्या 2 लाख के पार हो गई है।

जामयांग का जन्म लद्दाख के माथो गांव में हुआ। उनके पिता आर्मी की इंजीनियरिंग सर्विस में कारपेंटर थे। उन्होंने सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ बुध्दिस्ट स्टडीज से बारहवीं की पढ़ाई की। इसके बाद वे लामदोन माॅडल स्कूल में छात्रों को लद्दाख की स्थानीय भाषा पढ़ाने लगे। हालांकि उन्होंने टीचिंग जाॅब जल्द ही छोड़ दी और जम्मू यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएषन किया। काॅलेज की पढ़ाई के दौरान ही जामयांग की लीडरषिप स्कील निखर सामने आई। वे जम्मू यूनिवर्सिटी में आॅल लद्दाख स्टूडेंट एसोसिएषन के दो साल तक अध्यक्ष रहे।

आज वह देषभर में हीरो बन गए लेकिन लद्दाख के लोग पहले से ही उनके भाषण के कायल है। उनकी वाइफ डाॅ सोनम वांग्मो लेह में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। जामयांग को कविताएं लिखना बेहद पसंद है। वो खाली वक्त में अपने इस शौक को पूरा करते हैं। उनकी कविता की एक किताब ए गिफ्ट आॅफ पोएट्री 2013 में प्रकाषित हो चुकी है। जो उनकी स्थानीय भाषा भोती में है। इसके अलावा जामयांग स्थानीय महिला संगठनों के लिए शाॅर्ट स्टोरीज, कविताएं और नाटक लिखते हैं। उन्हें सामाजिक कार्य करने के साथ ऑर्गेनिक खेती करना भी पसंद है। सांसद बनने से पहले वे बीजेपी के लेह स्थित कार्यालय में प्रेस रिलीज और पार्टी के नेताओं को पत्र लिखने का काम करते थे। लेकिन तत्कालीन सांसद थुपसान छेवांग के प्राइवेट सेक्रेटरी और मीडिया सेके्रटरी बनने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई।

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